स्त्रियों में यह रोग आम बात है ये गुप्तांगों से बहने वाला पानी जैसा स्त्राव होता है य़ह खुद कोई रोग नहीं होता परंतु अन्य कई रोगों के कारण होता है इसके लिये सबसे पहले जरूरी है साफ सफाई,कब्ज दूर करना,चाय, मैदे की चीजें न खायें ,तली चीजें न खायें। ताजी सब्जियां फल अवश्य खायें काम ,क्रोध,ऊद्वेग से बचें।
आंवला पिसा एक चम्मच 2,3 चम्मच शहद रोज दिन में एक बार 30 दिनों तक खायें तथा खटाई से परहेज करें।
आंवले का रस व शहद लगातार एक माह तक लें श्वेत प्रदर ठीक होगा, आंवला में विटामिन ,सी,होने से आपकी त्वचा ग्लो भी करेगी।
केला खाकर ऊपर से दूध में शहद डालकर पियें। केला दूध अच्छी डाईट है इससे आपकी सेहत भी ठक होगी तथा प्रदर से होने वाली कमजोरी दूर होगी । ये कम से कम तीन माह लगातार लें , गर्म दूध में शहद न डालें। कच्चे केले की सब्जी खायें, दो केले शहद में डालकर खायें।
गर्मी के दिनों में फालसा खूब खायें शरबत पियें।
कच्चा टमाटर खायें।
सिंघाडे के आटे का हलुआ , तथा इसकी रोटी खायें लाभ होगा।
अनार के ताजे पत्ते अगर मिल जाय तो 25,30 पत्ते 10,12 काली मिर्च साथ में पीस ले उसमें आधा ग्लास पानी डालें फिर छान कर पी जायें ,सुबह-शाम। 100 ग्राम धुली मूंग तवे पर हल्का भूनकर पीस कर रख लें फिर दो मुठठी चावल एक कप पानी में भिगा दें मूंग दाल चूरण को चावल के पानी में डाल कर पी जायें। श्वेत प्रदर में फायदा होगा।
भुना चना में खांण्ड(गुड़ की शक्कर) मिलाकर खायें,बाद में एक कप दूध में देशी घी डालकर पियें लाभ होगा।
जीरा भूनकर चीनी के साथ खायें।
फिटकरी के पानी से गुप्तांगों को अंदर तक धोयें,सुबह शाम।
10 ग्रा. सोंठ एक कप पानी में काढा बनाकर पियें करीब एक माह।
एक ग्राम कच्ची फिटकरी एक केले को बीच में से काटकर भर दें इसे दिन या रात में एक बार खायें, सात दिन में प्रदर ठीक होगा।
एक बडा चम्मच .तुलसी का रस,बराबर शहद लेकर चाट जायेंसुबह शाम आराम होगा ।
3 ग्राम शतावरी या सफेद मूसली, 3 ग्रा. मिस्री इसका चूरण सुबह शाम गर्म दूध से लें। इससे रोग तो दूर होगा ही साथ कमजोरी भी दूर हो जायेगी।
माजू फल ,बडी इलायची, मिस्री समान मात्रा में पीसलें एक हफ्ते तक दिन में तीन बार लें ।बाद में दिन में एक बार 21 दिन तक लें लाभ होगा।
सुबह शाम दो चम्मच प्याज का रस बराबर मात्रा में शहद मिला कर पिये।
नागरमोथा, लाल चंदन, आक काफूल, अडूसा चिरायता, दारूहल्दी, रसौता, हरेक को 25 ग्रा. पीस लें तीन पाव पानी में उबालें जब आधा रह जाय तो छानकर उसमें 100 ग्रा. शहद मिलाकर दिन में दो बार 50-50 ग्राम लेने से हर प्रकार का प्रदर ठीक होता है।
पीपल के दो चार कोमल पत्ते लेकर कूट-पीस कर लुग्दी बनाकर दूध में उबालकर पीने से स्त्रियों के अनेक रोग दूर हो जाते है जैसे मासिक धर्म की अनियमितता तथा प्रदर रोग ।
दोस्तों ये जानकारी आपको कैसी लगी हमें कमेंट करके जरुर बताएं और अगर आपकी कोई समस्या या सुझाव है, तो हमें बेझिझक ई-मेल करें |
हमारा ई-मेल है yuva.health101@gmail.com
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आयुर्वेदिक उपाय :
आंवला पिसा एक चम्मच 2,3 चम्मच शहद रोज दिन में एक बार 30 दिनों तक खायें तथा खटाई से परहेज करें।आंवले का रस व शहद लगातार एक माह तक लें श्वेत प्रदर ठीक होगा, आंवला में विटामिन ,सी,होने से आपकी त्वचा ग्लो भी करेगी।
केला खाकर ऊपर से दूध में शहद डालकर पियें। केला दूध अच्छी डाईट है इससे आपकी सेहत भी ठक होगी तथा प्रदर से होने वाली कमजोरी दूर होगी । ये कम से कम तीन माह लगातार लें , गर्म दूध में शहद न डालें। कच्चे केले की सब्जी खायें, दो केले शहद में डालकर खायें।
गर्मी के दिनों में फालसा खूब खायें शरबत पियें।
कच्चा टमाटर खायें।
सिंघाडे के आटे का हलुआ , तथा इसकी रोटी खायें लाभ होगा।
अनार के ताजे पत्ते अगर मिल जाय तो 25,30 पत्ते 10,12 काली मिर्च साथ में पीस ले उसमें आधा ग्लास पानी डालें फिर छान कर पी जायें ,सुबह-शाम। 100 ग्राम धुली मूंग तवे पर हल्का भूनकर पीस कर रख लें फिर दो मुठठी चावल एक कप पानी में भिगा दें मूंग दाल चूरण को चावल के पानी में डाल कर पी जायें। श्वेत प्रदर में फायदा होगा।
भुना चना में खांण्ड(गुड़ की शक्कर) मिलाकर खायें,बाद में एक कप दूध में देशी घी डालकर पियें लाभ होगा।
जीरा भूनकर चीनी के साथ खायें।
फिटकरी के पानी से गुप्तांगों को अंदर तक धोयें,सुबह शाम।
10 ग्रा. सोंठ एक कप पानी में काढा बनाकर पियें करीब एक माह।
एक ग्राम कच्ची फिटकरी एक केले को बीच में से काटकर भर दें इसे दिन या रात में एक बार खायें, सात दिन में प्रदर ठीक होगा।
एक बडा चम्मच .तुलसी का रस,बराबर शहद लेकर चाट जायेंसुबह शाम आराम होगा ।
3 ग्राम शतावरी या सफेद मूसली, 3 ग्रा. मिस्री इसका चूरण सुबह शाम गर्म दूध से लें। इससे रोग तो दूर होगा ही साथ कमजोरी भी दूर हो जायेगी।
माजू फल ,बडी इलायची, मिस्री समान मात्रा में पीसलें एक हफ्ते तक दिन में तीन बार लें ।बाद में दिन में एक बार 21 दिन तक लें लाभ होगा।
सुबह शाम दो चम्मच प्याज का रस बराबर मात्रा में शहद मिला कर पिये।
नागरमोथा, लाल चंदन, आक काफूल, अडूसा चिरायता, दारूहल्दी, रसौता, हरेक को 25 ग्रा. पीस लें तीन पाव पानी में उबालें जब आधा रह जाय तो छानकर उसमें 100 ग्रा. शहद मिलाकर दिन में दो बार 50-50 ग्राम लेने से हर प्रकार का प्रदर ठीक होता है।
पीपल के दो चार कोमल पत्ते लेकर कूट-पीस कर लुग्दी बनाकर दूध में उबालकर पीने से स्त्रियों के अनेक रोग दूर हो जाते है जैसे मासिक धर्म की अनियमितता तथा प्रदर रोग ।
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