दोस्तों , हमारे देश में सुहागरात के दिन दुल्हन द्वारा अपने दुल्हे को दूध पिलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही हैं और आज भी इतनी पुरानी परंपरा को लोग बखूबी निभाते हैं |
लेकिन क्या आपने कभी सोचा हैं कि हमारे पूर्वजो ने ये परंपरा क्यों बनायीं , इसके के पीछे क्या कारण है |
दोस्तों , दूध पिलाने की परंपरा के 2 कारण हैं ...
शुभ दाम्पत्य जीवन की शुरुवात की दृष्टी से !
दोस्तों हमारा भारत देश अस्थाओ का देश हैं यहाँ के लोगो की हर धार्मिक चीज में बड़ी आस्था होती हैं तो आप जानते ही हैं कि दूध को लेकर कितनी आस्थाएं जुडी हुई हैं इसीलिए लोगो का मानना हैं कि अगर इस दाम्पत्य जीवन की शुरुवात दूध से करते है तो आगे का जीवन सुखमय होगा |
दुल्हन अपने दूल्हे को दूध में केसर और बादाम डालकर इसलिए देती है, क्योंकि दूध केसर और बादाम भी पवित्र माने जाते हैं इसलिए वह अपने नए जीवन की शुरुआत के पहले पवित्र खाद्य पदार्थों के द्वारा शुरुआतकरना चाहती हैं |
भले ही लोग इसको एक पवित्र परंपरा मान कर उस का पालन करते हैं लेकिन इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है जो स्वास्थ और सेहत की दृष्टि से बहुत ही लाभकारी है|
कमोत्तोजक की दृष्टी से !
दूध में शरीर की थकावट को दूर करने की और थकी हुई नसों को बल देने की अद्भुत क्षमता होती है इसलिए लोग दूध को एक कामोत्तेजक पर के रूप में देखते हैं
इस कारण से भी सुहागरात में दुल्हन द्वारा दूल्हे को दूध पिलाया जाता है जो शरीर को पौष्टिकता और उत्तेजना देता है |
दोस्तों , अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी तो कृपया हमें कमेंट करके जरुर बताये और अगर आपकी कोई प्रेम कहानी हैं या आपका कोई सुझाव हैं तो बेझिझक हमें ई-मेल करें |
हमारा ई-मेल हैं - yuva.health101@gmail.com
धन्यवाद् !
लेकिन क्या आपने कभी सोचा हैं कि हमारे पूर्वजो ने ये परंपरा क्यों बनायीं , इसके के पीछे क्या कारण है |
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शुभ दाम्पत्य जीवन की शुरुवात की दृष्टी से !
दोस्तों हमारा भारत देश अस्थाओ का देश हैं यहाँ के लोगो की हर धार्मिक चीज में बड़ी आस्था होती हैं तो आप जानते ही हैं कि दूध को लेकर कितनी आस्थाएं जुडी हुई हैं इसीलिए लोगो का मानना हैं कि अगर इस दाम्पत्य जीवन की शुरुवात दूध से करते है तो आगे का जीवन सुखमय होगा |
दुल्हन अपने दूल्हे को दूध में केसर और बादाम डालकर इसलिए देती है, क्योंकि दूध केसर और बादाम भी पवित्र माने जाते हैं इसलिए वह अपने नए जीवन की शुरुआत के पहले पवित्र खाद्य पदार्थों के द्वारा शुरुआतकरना चाहती हैं |
भले ही लोग इसको एक पवित्र परंपरा मान कर उस का पालन करते हैं लेकिन इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है जो स्वास्थ और सेहत की दृष्टि से बहुत ही लाभकारी है|
कमोत्तोजक की दृष्टी से !
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दोस्तों , दूध को सम्पूर्ण आहार कहा जाता हैं आयुर्वेद के अनुसार दूध में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कामोत्तेजना को बढ़ाते हैंदूध में शरीर की थकावट को दूर करने की और थकी हुई नसों को बल देने की अद्भुत क्षमता होती है इसलिए लोग दूध को एक कामोत्तेजक पर के रूप में देखते हैं
इस कारण से भी सुहागरात में दुल्हन द्वारा दूल्हे को दूध पिलाया जाता है जो शरीर को पौष्टिकता और उत्तेजना देता है |
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