मुझे आज भी वो दिन याद है जब मै उससे पहली बार मिला था अपने दोस्त के घर के सादी समारोह में उस समय मै BCA 3rd सेमेस्टर में था | मैंने उसे पहली बार देखा तो दिल ने कहा बस देखता ही रहूँ
सारी रात बिना कुछ खाए-पिए मै वही उसे देखता ही रह गया और पूरी रात की मसक्कत के बाद किसी तरह उसने भी मुझपे ध्यान दिया और एक बच्चे से उसको अपना फ़ोन नंबर दिलवाया और वहां से खिसक लिया ताकी उसका प्यार न मिले तो कम से कम उसकी नफ़रत भी न मिले |
मैं घर आकर उसी के बारे में सोचने लगा और उससे किसी भी तरह एक बार और देखना चाहता था लेकिन मेरे कॉलेज की 5 दिन की छुट्टियाँ खत्म हो गयी और मैं आजमगढ़ चला गया |
एक दिन रात को लगभग 11 बजे एक कॉल आयी पर जब मैंने फ़ोन उठाया तो किसी ने उत्तर नहीं दिया और मैंने फ़ोन काट दिया , अगले दिन ऐसे ही पता नहीं क्यों मैंने उसी नंबर पर कॉल किया तो कोई लड़की थी |
और काफी देर बाद बड़े रूखे स्वर में बोली आपने उस दिन सादी में अपना नम्बर क्यों भिजवाया था | अपनी तो चोक ले ली |
लेकिन किसी तरह मैंने उससे बहाना करके टाल दिया और उसका नाम पूछा उसने उसी स्वर में अपना नाम बताया "सोम्या" ( बदला हुवा नाम ) |
बस उस दिन से हमेसा उसी के बारे में सोचता रहता और बात करना चाहता था | उससे बात करने के लिए मैं अपनी क्लास भी मिस कर देता था और एक बार उससे मिलने उसके कॉलेज में गया | उसके बाद से तो जैसे मेरे ऊपर उसका नशा सा छा गया |
लेकिन उसके बाद वो भी मुझसे प्यार करने लगी | बिना I Love You बोले हम दोनों एक दुसरे से प्यार करते थे | फिर क्या था मुलाकाते बढाती गयी और हम एक दुसरे से बेहद प्यार करने लगे |
अब तो एक दिन भी ऐसा न होता जब हमारी बात न होती हो | और महीने में मै 1 - 2 बार मिलने तो पंहुच ही जाता था |
सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था , लेकिन कुछ दिन बाद मै उसके लिए उतना समय नहीं निकाल पाता था, लेकिन प्यार तो पहले से कई गुना करता था |
मेरे अन्दर सबसे बड़ी कमी ये थी कि मै सिर्फ और सिर्फ प्यार करना जानता था उसे जताना नहीं , तब मैंने जाना सिर्फ प्यार करना ही जरुरी नही , प्यार करना आए या न आए पर जताना आना चाहिए |
एक दिन उसने मुझे मिलने के लिए बुलाया मै अपने एग्जाम को लेकर काफी व्यस्त था ,तो जा नहीं पाया | और कॉल भी थोड़ी कम करने लगा |
एग्जाम खत्म हुवां और मैंने कॉल की तो उसने फ़ोन ही नहीं उठाया, मुझे लगा बाद में कॉल आएगी , लेकिन नहीं आयी |
और उसी बीच मुझे 10 दिन के लिए पापा के यहाँ दिल्ली जाना पड़ा , वहां से कॉल की लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला , इस तरह करते-करते लगभग 2 महीने बीत गए |
तो अंत में मैंने उसके घर वाले नंबर पर कॉल किया तो उसी ने फ़ोन उठाया मैंने भी रूखे स्वर में कहा एक बार मिलना हैं तुमसे , उसने उत्तर दिया ठीक है लेकिन आखिरी बार |
और अगले मंगलवार को मै और मेरा दोस्त मुकेश सिंह "बाबा प्रथम देव" मन्दिर की सड़क पर मिले | मै बहुत सारी बाते करना चाहता था ,लेकिन जाते ही उसने मुझसे कहा अब हम और साथ नहीं रह सकते |
कुछ देर तो मुझे कुछ समझ में ही नहीं आया कि मै क्या बोलू ,फिर मैंने धीरे से पूछा क्यों ?
सोम्या बोली - अगर तुम्हारी कॉल वेटिंग में आना तुम बरदास कर सकते हो तो ठीक है |
मैंने फिर उसी नासमझी से पूछा क्यों ?
वो बोली क्योंकि मै किसी और से बात करती हूँ |
इतना सुनते ही जैसे मेरा सब कुछ किसी ने लूट लिया | मेरा दोस्त मुकेश भी यही चाहता था की मै उससे दूर हो जाऊ , ताकी मै अपनी पढाई पर ध्यान दे सकूँ , लेकिन मै ?
मुझे समझ में नहीं आ रहा था की मै क्या बोलू , लेकिन अपने आप मेरे मुहं से निकला "ये सब कैसे और कब हो गया" | इतमे में मुकेश ने मुझे गाड़ी की तरफ धक्का देते हुवे कहा "चल बैठ जब उसने सब कुछ साफ -साफ बोल दिया तो अब क्या रहा गया है ?" .
उस दिन से तो जैसे मेरे जीने की वजह ही खत्म हो गयी , मै deeply depression में चला गया | मै न तो घर वालो की कोई बात सुनता न किसी और की , हमेशा उसी के बारे में सोचता रहता |
दोस्तों से भी नहीं मिलता था ,दो दिन बाद मेरे दो दोस्त रमेश और मुकेश घर आए और मुझे लेकर अपने साथ गए और रात - रात भर मुझे समझाते रहे |
उसी समय मेरा Noida के एक कॉलेज में MCA में एडमिशन हो गया मै जाना नहीं चाहता था लेकिन बहुत सोचने के बाद एक आखिरी लेटर मैंने उसको लिखा और Noida चला गया |
उस दिन मैंने उसको दिए लेटर में और खुद से एक वादा किया था "या तो वो या कोई नहीं" |
अब MCA पूरा करके मै एक software कंपनी में software Developer हूँ लेकिन उसकी कमी हमेशा ही रहती हैं | कहते है न पहला प्यार कभी भूलता नहीं है वही मेरे साथ भी हुवां |
आज भी उसका इंतजार है इसीलिए मैंने अभी तक शादी भी नहीं की और न ही करूँगा |
दोस्तों ये थी मेरी खुद की लाइफ की अधूरे प्यार की सच्ची कहानी , अगर कहानी आपको पसंद आयी तो कमेंट करके बताये और अगर आपका कोई सुझाव या खुद की कोई कहानी है तो हमें जरुर भेजे हम उसे पब्लिश जरुर करेंगे |
हमारा मेल है - youthhealth101@gmail.com
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