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अभी हाल ही में हमने एक ब्लॉग पोस्ट किया था कामसूत्र के बारे में उसे पढने के लिए यहाँ क्लिक करें| आज हम इस ब्लॉग पोस्ट पर कामसूत्र के आधार पर लिंग और योनि के प्रकारों की बात करेंगे|



वात्स्यायन नें कामसूत्र में पुरुष लिंग के तीन प्रकार बताएं हैं

  1. शश (यानि खरगोश कि तरह छोटा और पतला लिंग)
  2. वृष(बैल के सामान मध्यम आकर का लम्बा और मोटा लिंग)
  3. अश्व(घोड़े की तरह लम्बा और मोटा लिंग)
यह तो बात हुई पुरुषों की पर वात्स्यायन ने पुरुषों के लिंग कि तरह ही महिलाओं की योनि का भी वर्गीकरण किया है | वात्स्यायन के अनुसार योनि भी तीन प्रकार कि होती है |


  1. मृगी (हिरण की तरह छोटी और कम गहरी योनि)
  2. बडवा (घोड़ी कि तरह माध्यम गहरी योनि )
  3. हस्तिनी(हथिनी की तरह ज्यादा गहराई वाली योनि)
अब तक आपने देखा कि वस्ययाँ ने पुरुष लिंग और महिला योनि का वर्गीकरण किस प्रकार किया है और अब हम बात करेंगे कि किस प्रकार के पुरुष और महिला के बीच संबध सर्वोत्तम मन गया है और किस प्रकार को ख़राब |

सबसे बढ़िया कॉम्बिनेशन तब बनता है जब

  1. शश + मृगी
  2. वृष + बडवा
  3. अश्व + हस्तिनी
यह तो रहा समान प्रकार के लिंग और योनि का मेल अब बात करते है विषम प्रकार के योनि और लिंग के मेल का | विषम प्रकार के 6 कॉम्बिनेशन संभव हैं |

  1. शश पुरुष का बडवा नारी से 
  2. शश पुरुष का हस्तिनी नारी से 
  3. वृष पुरुष का हस्तिनी नारी से 
  4. वृष पुरुष का मृगी नारी से 
  5. अश्व पुरुष का मृगी नारी से 
  6. अश्व पुरुष का बडवा नारी से 
कामसूत्र के अनुसार विषम प्रकार के कॉम्बिनेशन में भी अम्भोग का पर्याप्त आनंद लिया जा सकता है परन्तु केवल दो परिस्थितियों में


  1. जब अश्व पुरुष का बडवा नारी से सम्भोग हो 
  2. वृष पुरुष का मृगी नारी से सम्भोग हो 
इसके अलावा कुछ और भी कॉम्बिनेशन हैं जिनसे बचना चाहिये जैसे

  1. अश्व पुरुष और मृगी स्त्री 
  2. शश पुरुष और हस्तिनी स्त्री 
मित्रों आशा है कि यह पोस्ट आपको पसंद आयी होगी और हम जल्द ही दुबारा मिलेंगे नयी पोस्ट पर नए टॉपिक के साथ तब तक आप सभी खुश रहिये मस्त रहिये :)

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